छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल को मिली सराहना, ग्रामीण विकास की पहल बनी उदाहरण

रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की एक अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विकसित मटेरियल बैंक मॉडल की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने इस मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की प्रक्रिया को तेज, सुगम और अधिक प्रभावी बनाने वाला महत्वपूर्ण नवाचार बताया।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने किया। सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े कई नवाचारों को साझा किया गया, जिन्हें केंद्र स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की एक विशेष व्यवस्था है। इस मॉडल की सबसे खास बात यह है कि इसका संचालन स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिन्हें “डीलर दीदी” के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।

इस व्यवस्था के तहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में घर निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे हितग्राहियों को सामग्री जुटाने में होने वाली परेशानी कम हुई है और निर्माण कार्य पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित तरीके से हो रहा है। साथ ही परिवहन और लागत से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आई है।

इस पहल का सकारात्मक असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य में इस मॉडल से जुड़ी 10 हजार से अधिक महिलाएं आजीविका के नए अवसरों से जुड़कर “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सम्मेलन में इसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की प्रभावी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचार और बेहतर कार्य प्रणाली का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विशेष रूप से राज्य में आरसेटी (RSETI) और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया, जिसे केंद्र सरकार ने एक उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहितकारी नीतियों का प्रमाण है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र स्तर पर मिली यह पहचान छत्तीसगढ़ को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आगे भी बेहतर और नवाचारी कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

ग्रामीण आवास, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार को एक साथ जोड़ने वाला छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक सफल उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button