मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य मुलाकात, समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात आत्मीय और औपचारिक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों के साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का मुख्यमंत्री निवास में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल गहलोत को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशेष रूप से बस्तर की प्रसिद्ध कला परंपरा का प्रतीक ‘बस्तर आर्ट’ स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई। चर्चा में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों, प्रशासनिक अनुभवों तथा समसामयिक विषयों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। यह मुलाकात आपसी संवाद और सकारात्मक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक कला और विविध लोक विरासत के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। मुख्यमंत्री द्वारा राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेंट किया गया बस्तर आर्ट इसी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। बस्तर क्षेत्र की धातु शिल्पकला, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाएं लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं।
गौरतलब है कि थावरचंद गहलोत देश के वरिष्ठ राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे हैं। वर्तमान में वे कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। रायपुर प्रवास के दौरान उनकी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से हुई यह मुलाकात राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार राज्य के विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे औपचारिक संवाद राज्य और विभिन्न संवैधानिक पदों पर कार्यरत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय और विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करते हैं।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हुई इस सौजन्य भेंट ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मीयता और पारंपरिक अतिथि सत्कार की झलक प्रस्तुत की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक संवाद और परस्पर सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।



