
रायपुर, 9 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नया रायपुर स्थित आवास कार्यालय में हुई बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
नुक्कड़ नाटकों से बताई जाएगी योजनाओं की कहानी
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत संस्कृति विभाग द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक केंद्रों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा उनसे आम लोगों के जीवन में आए बदलावों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रस्तुतियों में स्थानीय भाषा, लोककला, संगीत और प्रभावी संवादों का इस्तेमाल किया जाएगा। वास्तविक हितग्राहियों की जीवन-परिवर्तन की कहानियों के जरिए योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
सोशल मीडिया पर दिखेगा बदलता छत्तीसगढ़
पर्यटन विभाग देश और प्रदेश के इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों, विकास कार्यों और बढ़ती पर्यटन सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित करेगा।
इस पहल के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा और पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की कोशिश होगी। खासतौर पर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स को अभियान से जोड़ने पर फोकस रहेगा।
एक महीने तक होंगे कई कार्यक्रम
अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सरकार आपके द्वार’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
संस्कृति और पर्यटन को बनाया जाएगा जनसंवाद का माध्यम
मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियां समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति जनसंवाद का प्रभावी माध्यम है, जबकि पर्यटन के जरिए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने अभियान में स्थानीय संस्कृति, लोक कलाओं, युवाओं और डिजिटल माध्यमों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि सेवा, विकास और जनभागीदारी का संदेश प्रभावी तरीके से आम नागरिकों तक पहुंच सके।


