छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल सर्वे से आसान हुई जमीन से जुड़ी सेवाएं, 19,805 गांवों में काम पूरा

रायपुर, 26 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राजस्व सेवाओं को ग्रामीणों के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। नामांतरण, सीमांकन, फसल बीमा क्लेम और किसान क्रेडिट कार्ड जैसे कार्यों में होने वाली कागजी जटिलताओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है।

अभियान के तहत किसानों और भू-स्वामियों को बार-बार तहसील, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने पर जोर दिया गया है। प्रशासनिक अमला आधुनिक तकनीक, जीपीएस उपकरणों और प्रशिक्षित सर्वेयरों के माध्यम से भूमि संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज कर रहा है।

20,551 में से 19,805 राजस्व ग्रामों में डिजिटल सर्वे

राज्य के सभी 33 जिलों में कुल 20,551 राजस्व ग्राम हैं। इनमें से 19,805 गांवों में लगभग 96.37 प्रतिशत डिजिटल सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर जैसे जिलों में डिजिटल सर्वे का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने की जानकारी दी गई है।

वहीं, बस्तर संभाग के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में भी डिजिटल सर्वे का काम जारी है। नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों तथा हाई-प्रिसिजन जीपीएस तकनीक का उपयोग कर भूमि का सटीक डिजिटल मानचित्र तैयार किया जा रहा है।

डिजिटल रिकॉर्ड से भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता

डिजिटल नक्शों और सटीक सीमांकन से भूमि संबंधी रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है। इससे भू-स्वामियों को अपनी जमीन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और विभिन्न राजस्व कार्यों को पूरा कराने में सुविधा होने की उम्मीद है।

अद्यतन राजस्व रिकॉर्ड का उपयोग कृषि ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत और अन्य शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों में भी किया जा सकता है। अभियान का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को सरल बनाते हुए शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी कम करना है।

‘सेवा पहुँची आपके द्वार’ की दिशा में पहल

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से प्रशासन द्वारा ‘सेवा का संकल्प, सेवा पहुँची आपके द्वार’ की भावना के अनुरूप काम करने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से राजस्व सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी कार्यों को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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