
रायपुर, 26 सितंबर। छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना का काम पूरा हो गया है। परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड में ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन परियोजना पूर्ण हो गई है।
यह रेलखंड सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज है। अधिकारियों के अनुसार, रेल परिचालन शुरू करने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा इस खंड का निरीक्षण और गति परीक्षण भी किया जा चुका है। आवश्यक सुरक्षा और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ताड़ोकी-रावघाट खंड पर ट्रेन संचालन शुरू किया जाएगा।
फिलहाल दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं, जो करीब 77.5 किलोमीटर हिस्से को कवर करती हैं। नए रेलखंड के शुरू होने से दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन करीब 240 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेलवे परियोजना का हिस्सा है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ सरकार, एनएमडीसी, सेल और रेलवे के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की जा रही है। परियोजना को वर्ष 1993 में सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2010-11 में शुरू हुआ था।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेल लाइन से रायपुर, भिलाई और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों से परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही दुर्ग स्थित सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन को भी सुविधा मिलेगी।
परियोजना की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की दो बटालियन भी तैनात हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पहले इस क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद के कारण रेल परियोजना की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रही है।



