छत्तीसगढ़ताज़ा खबरेंदेश-दुनियाप्रशासनिक

छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा’ की देशभर में चर्चा, मन की बात में पीएम मोदी ने किया उल्लेख

रायपुर, 27 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान का उद्देश्य घर-घर मुनगा के पौधे पहुंचाने के साथ लोगों को इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना है।

पोषक तत्वों से भरपूर है मुनगा

मुनगा यानी सहजन छत्तीसगढ़ में आसानी से उपलब्ध होने वाला पौधा है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके औषधीय गुणों के कारण भी इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयोगी माना जाता है।

मुनगा तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और इसके लिए अपेक्षाकृत कम देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में इसे घरों में लगाने से परिवारों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य स्रोत उपलब्ध कराने के साथ हरियाली को भी बढ़ावा मिल सकता है।

महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर जोर

राज्य सरकार ने ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान को कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों से जोड़ा है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। यहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग और इसके पोषण संबंधी फायदों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

प्रदेश में 10 लाख से अधिक मुनगा पौधों का वितरण

अभियान के तहत प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और आम नागरिकों के घरों तक मुनगा के पौधे पहुंचाए जा रहे हैं। अब तक राज्य में कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा पौधों का वितरण किया जा चुका है।

जिलेवार आंकड़ों में जशपुर में 1 लाख 62 हजार 271, कोरबा में 1 लाख 1 हजार 2, कबीरधाम में 75 हजार 776, सूरजपुर में 64 हजार 599, जांजगीर-चांपा में 57 हजार 653, बालोद में 50 हजार 933 और धमतरी में 48 हजार 833 पौधों का वितरण किया गया है।

इसी तरह सरगुजा में 43 हजार 754, रायगढ़ में 41 हजार 776, दुर्ग में 42 हजार 474, कांकेर में 43 हजार 71, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 43 हजार 7 और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39 हजार 222 मुनगा पौधे वितरित किए गए हैं।

पौधरोपण के साथ पोषण जागरूकता भी

‘हर घर मुनगा’ अभियान की खासियत यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। घर के आंगन में लगाया गया एक मुनगा का पौधा भविष्य में परिवार के भोजन में पौष्टिकता बढ़ाने के साथ पोषण जागरूकता का जरिया भी बन सकता है।

राज्य सरकार के प्रयासों में इस अभियान को केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में इसका उल्लेख किए जाने से छत्तीसगढ़ की इस स्थानीय पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button