
रायपुर, 28 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कहा कि शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का सर्वे तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री
डोंगाघाट में मुख्यमंत्री साय ने प्रभावित लोगों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों, घरेलू सामान और अन्य नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
इंद्रावती नदी के जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से जिले में बारिश और बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों एवं शहरी क्षेत्रों, राहत-बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने तथा मौसम और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बाढ़ के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, जलस्रोतों की सफाई और जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने और संभावित बीमारी के प्रकोप की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर पात्र परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में अधिकारी नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लें।
‘प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
इस दौरान महापौर संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बी.एन. मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



