छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में ‘हर-घर मुनगा’ अभियान शुरू होगा, 23,500 स्कूलों में लगेंगे पौधे

हर घर में निःशुल्क दिए जाएंगे मुनगा के पौधे, 23,500 स्कूलों में बनेंगी पोषण वाटिकाएं; आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों और स्कूलों में भी होगा रोपण

रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू करने जा रही है। इस पहल के तहत प्रदेश के घरों से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और छात्रावासों तक मुनगा यानी सहजन के पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में चलाए जाने वाले इस अभियान की रूपरेखा को लेकर मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पौधों की उपलब्धता, रोपण, देखभाल और अभियान की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं।

फरवरी-मार्च में घर-घर बांटे जाएंगे मुनगा के पौधे

अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक घर में मुनगा के पौधे निःशुल्क वितरित करने और उनका रोपण सुनिश्चित करने की योजना है। उद्यानिकी, कृषि एवं किसान कल्याण तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की नर्सरियों में पौधे तैयार किए जाएंगे। इसके बाद फरवरी से मार्च के दौरान इन्हें घर-घर वितरित कर लगाया जाएगा।

अभियान की निगरानी सभी जिलों के कलेक्टर करेंगे। पौधों के रोपण, सुरक्षा और सिंचाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित हो सके और अभियान का लाभ लंबे समय तक मिल सके।

मुनगा की पत्तियों और फलियों में पोषक तत्वों का भंडार

मुनगा यानी सहजन की पत्तियों और फलियों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-ए और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे नियमित भोजन में शामिल करना संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। अभियान के तहत विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पोषण की दृष्टि से संवेदनशील समूहों तक मुनगा के उपयोग और इसके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

सरकार की योजना है कि पौधे घरों में उपलब्ध होने से परिवारों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक हरी सब्जी मिल सके। हालांकि, कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए संतुलित आहार के साथ आवश्यक स्वास्थ्य जांच, उपचार और अन्य पोषण सेवाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

23,500 स्कूलों में बनेंगी शाला पोषण वाटिकाएं

अभियान को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए राज्य के करीब 23,500 स्कूलों में मुनगा के पौधे लगाए जाएंगे। इन स्कूलों में शाला पोषण वाटिकाएं विकसित करने की योजना है। साथ ही मध्याह्न भोजन में मुनगा भाजी को शामिल करने पर भी जोर दिया जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों, आश्रमों और छात्रावासों में भी निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराकर उनका रोपण किया जाएगा। इससे बच्चों और अन्य हितग्राहियों को पोषण के महत्व से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल निगरानी से रखी जाएगी पौधों पर नजर

अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा। इससे लगाए गए पौधों की स्थिति, उनकी देखभाल और जीवित रहने की दर पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग अभियान का नोडल विभाग होगा। विभाग आंगनबाड़ी स्तर पर समन्वय, हितग्राहियों की पहचान, पोषण शिक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर उपयुक्त स्थानों और बाड़ियों की पहचान, नर्सरी तैयार करने तथा स्व-सहायता समूहों के सहयोग से अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाएगा।

वहीं, उद्यानिकी एवं कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार करने, रोपण तकनीक, जैविक खाद और पौधों की सुरक्षा के संबंध में तकनीकी सहयोग देंगे। इस काम में वन विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

जनभागीदारी से पोषण सुधार की पहल

‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होगी। पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और मुनगा को भोजन में शामिल करने के प्रति जागरूकता भी महत्वपूर्ण होगी। घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सामुदायिक भागीदारी से इस पहल को मजबूत किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना में पोषण जागरूकता को पर्यावरणीय पहल के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। यदि पौधों का रोपण और रखरखाव प्रभावी ढंग से होता है, तो मुनगा स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का उपयोगी माध्यम बन सकता है। अभियान का व्यापक लक्ष्य कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के प्रयासों को मजबूत करना और परिवारों को पोषण के प्रति जागरूक बनाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button