Chhattisgarh News: नवा रायपुर में जुटेंगे शहरी विकास के विशेषज्ञ, म्युनिसिपल बॉन्ड और PPP मॉडल पर होगा मंथन

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार, बेहतर नागरिक सुविधाओं और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अक्टूबर को नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला में शहरी विकास के लिए नए वित्तीय संसाधन जुटाने, निजी निवेश आकर्षित करने और नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) और सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों का उद्देश्य शहरी नियोजन, वित्तीय प्रबंधन और निवेश आधारित विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।
नवा रायपुर में जुटेंगे शहरी विकास के विशेषज्ञ
राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और HUDCO के संयुक्त तत्वावधान में यह एक दिवसीय कार्यशाला नवा रायपुर स्थित होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। HUDCO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य वक्तव्य देंगे, जबकि विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा प्रदेश में शहरी विकास की प्राथमिकताओं और अधोसंरचना संबंधी आवश्यकताओं पर विचार रखेंगे।
म्युनिसिपल बॉन्ड और PPP मॉडल से जुटेंगे विकास के संसाधन
कार्यशाला में शहरी परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन जुटाने पर विशेष जोर रहेगा। इसमें म्युनिसिपल बॉन्ड, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), संस्थागत वित्त और निवेश आधारित परियोजनाओं के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ जानकारी देंगे।
इसके अलावा अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) के माध्यम से शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। नगरीय निकायों को ऐसी परियोजनाएं तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा, जो वित्तीय रूप से व्यवहार्य हों और जिनमें निजी निवेश आकर्षित करने की क्षमता हो।
तीन तकनीकी सत्रों में होगी विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में दोपहर 12 बजे से तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें शहरी विकास के सफल मॉडल, परियोजनाओं की वित्तीय संरचना और आधुनिक वित्तीय साधनों के उपयोग पर चर्चा होगी।
पहले सत्र में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो की कार्यप्रणाली तथा शहरी परियोजनाओं में इनके उपयोग की संभावनाओं पर जानकारी दी जाएगी। तेलंगाना में शहरी बदलाव से जुड़े अनुभव भी साझा किए जाएंगे।
दूसरे सत्र में बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करने योग्य शहरी परियोजनाओं, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR), किफायती आवास और PPP मॉडल पर चर्चा होगी। इसके साथ ही नगरीय निकायों के राजस्व प्रबंधन और परियोजनाओं की वित्तीय योजना तैयार करने के तरीकों पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
तीसरे सत्र में म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से शहरी विकास के लिए धन जुटाने तथा HUDCO की वित्तीय सुविधाओं के उपयोग पर चर्चा होगी। शाम को पैनल चर्चा और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य नगरीय निकायों की संस्थागत और वित्तीय क्षमता को मजबूत करना है। आधुनिक वित्तीय विकल्पों की जानकारी मिलने से निकाय स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाओं की योजना बनाने और उनके लिए संसाधन जुटाने में अधिक सक्षम हो सकते हैं।
इस पहल से छत्तीसगढ़ में किफायती आवास, आधुनिक शहरी अधोसंरचना और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। साथ ही, निवेश आधारित विकास मॉडल अपनाकर शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।



