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छत्तीसगढ़: निर्माण श्रमिकों को 15 योजनाओं से मिला 18.96 करोड़ का लाभ, 47 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 15 योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को शिक्षा, मातृत्व सहायता, साइकिल, औजार, सुरक्षा उपकरण, आवास और स्वरोजगार सहित विभिन्न जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।

श्रम विभाग के अनुसार, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रदेश के 47,011 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कुल 18 करोड़ 96 लाख 73 हजार रुपये का लाभ दिया गया। यह राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पहुंचाई गई।

मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में संचालित इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजनाओं के माध्यम से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्ग श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मातृत्व सहायता, साइकिल और औजार के लिए मिली राशि

मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1,975 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख रुपये की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना के तहत 220 हितग्राहियों को 8 लाख 15 हजार 113 रुपये प्रदान किए गए।

इसी तरह, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 509 हितग्राहियों को 17 लाख 44 हजार 7 रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इन योजनाओं से श्रमिक परिवारों की जरूरतें पूरी करने और श्रमिकों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

बच्चों की शिक्षा के लिए 7 करोड़ से अधिक की सहायता

निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के लिए भी विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता दी गई है।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 38,380 हितग्राहियों को 6 करोड़ 67 लाख 9 हजार रुपये प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 904 हितग्राहियों को 60 लाख 64 हजार 700 रुपये की सहायता मिली।

वहीं, निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 1,243 हितग्राहियों को 17 लाख 59 हजार रुपये दिए गए। उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत तीन हितग्राहियों को 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।

इन योजनाओं के जरिए श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मृत्यु, दिव्यांगता और बुजुर्ग श्रमिकों को सहायता

सामाजिक सुरक्षा के तहत मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से संबंधित दो सहायता श्रेणियों में 246 हितग्राहियों को 2 करोड़ 46 लाख रुपये और दो हितग्राहियों को 10 लाख रुपये दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के तहत दो हितग्राहियों को 40 हजार रुपये की सहायता मिली। वहीं, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 238 हितग्राहियों को कुल 47 लाख 60 हजार रुपये प्रदान किए गए।

इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरत के समय श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।

महिला श्रमिकों के सशक्तिकरण पर जोर

महिला श्रमिकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,957 हितग्राहियों को 3 करोड़ 91 लाख 40 हजार रुपये की सहायता दी गई।

इसके अलावा, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 12 हितग्राहियों को 13 लाख 37 हजार 200 रुपये प्रदान किए गए। इन पहलों से महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल सकती है।

सुरक्षा उपकरण और आवास के लिए भी सहायता

निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 1,319 हितग्राहियों को 19 लाख 78 हजार 500 रुपये दिए गए।

वहीं, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को 75 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।

श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार का प्रयास

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाएं निर्माण श्रमिकों की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही हैं। शिक्षा, मातृत्व, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कार्यस्थल पर सुरक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों में मिलने वाली आर्थिक सहायता से श्रमिक परिवारों को संबल देने का प्रयास किया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के दौरान 47,011 हितग्राहियों तक सहायता पहुंचना श्रमिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अवसर उपलब्ध कराना है।

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