BreakingChhattisgarhExclusive

Chhattisgarh | क्वॉलिटी में जरा भी समझौता नहीं, हाई कोर्ट मरम्मत बिलों पर रायपुर मुख्यालय का सख्त रुख

Chhattisgarh | No compromise on quality, Raipur headquarters takes a tough stand on High Court repair bills

बिलासपुर। उच्च न्यायालय भवन, जजेस बंगलों और बोदरी स्थित आवासीय परिसर में कराए गए मरम्मत कार्यों के भुगतान को लेकर रायपुर मुख्यालय ने कड़ा रुख अपना लिया है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने साफ कर दिया है कि जब तक अधीक्षण अभियंता 100 प्रतिशत गुणवत्ता और मात्रा की जांच कर रिपोर्ट नहीं सौंपेंगे, तब तक करोड़ों रुपये के अंतिम देयकों का भुगतान नहीं होगा।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर से जारी पत्र के अनुसार, बिलासपुर संभाग क्रमांक-2 के कार्यपालन अभियंता द्वारा हाई कोर्ट भवन, जजेस बंगलों और आवासीय परिसरों के सात अलग-अलग कार्यों के भुगतान के लिए ऑनलाइन आवंटन मांगा गया था। ये सभी कार्य वार्षिक संधारण और विशेष मरम्मत से जुड़े हुए हैं।

मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी देयकों के भुगतान से पहले क्वॉलिटी चेक अनिवार्य होगा। प्रमुख अभियंता ने अधीक्षण अभियंता, बिलासपुर को आदेश दिया है कि वे स्वयं मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें और संतुष्ट होने के बाद ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के बाद ही भुगतान को स्वीकृति दी जाएगी।

इन 7 कार्यों की होगी शत-प्रतिशत जांच

जजेस बंगलों व चांदनी अपार्टमेंट में वार्षिक मरम्मत: ₹30.04 लाख

बोदरी सेक्टर-1 आवासीय परिसर का वार्षिक संधारण: ₹23.74 लाख

जजेस बंगले व अन्य भवनों में विशेष मरम्मत: ₹3.92 लाख

हाई कोर्ट मुख्य भवन (सत्र 2025-26) संधारण कार्य: ₹23.07 लाख

हाई कोर्ट मुख्य भवन बोदरी वार्षिक रखरखाव: ₹61.38 लाख

हाई कोर्ट परिसर बोदरी के अत्यंत आवश्यक कार्य: ₹38.96 लाख

अन्य महत्वपूर्ण भवनों का वार्षिक रखरखाव: ₹56.67 लाख

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button