बिलासपुर में मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना पड़ा महंगा, 2621 चालकों पर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई

आईटीएमएस कैमरों से हो रही निगरानी, सड़क सुरक्षा के लिए अभियान लगातार जारी; नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बिलासपुर। बिलासपुर में वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) कैमरों की मदद से की जा रही निगरानी के दौरान अब तक 2621 वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में शहरभर में यातायात नियमों के पालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को रोकने के लिए आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
मोबाइल का इस्तेमाल बन रहा दुर्घटनाओं की वजह
पुलिस का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना, संदेश भेजना, सोशल मीडिया का उपयोग करना या ईयरफोन एवं ईयरबड लगाकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहा है। इससे चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है और दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
यातायात विभाग के अनुसार, इस तरह की लापरवाही सबसे अधिक युवाओं में देखने को मिल रही है। कई चालक वाहन चलाते समय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे सड़क पर होने वाली गतिविधियों पर समय रहते प्रतिक्रिया नहीं दे पाते।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई
यातायात पुलिस ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 21(25) के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। आईटीएमएस कैमरों से मिले प्रमाणों के आधार पर चालान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर यातायात अनुशासन बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ता है असर
यातायात पुलिस के अनुसार, मोबाइल में व्यस्त रहने वाले चालक कई बार एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, गैस आपूर्ति, पेट्रोल-डीजल टैंकर और टोइंग वाहनों जैसी आपातकालीन सेवाओं को समय पर रास्ता नहीं दे पाते। ऐसी स्थिति में न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं में भी देरी हो सकती है, जिससे गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न होने का खतरा रहता है।
पीए सिस्टम से किया जा रहा जागरूक
कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए गए पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम के माध्यम से लगातार संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इनमें नागरिकों से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि केवल चालान करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों में सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बढ़ते वाहनों के बीच अनुशासन जरूरी
यातायात विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान बिलासपुर जिले में लगभग 63 हजार नए वाहन सड़कों पर जुड़े हैं। लगातार बढ़ रहे वाहनों के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में प्रत्येक वाहन चालक के लिए यातायात नियमों का पालन करना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह से बंद करें, गति सीमा और अन्य यातायात नियमों का पालन करें तथा सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। यातायात विभाग का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही सुरक्षित, व्यवस्थित और दुर्घटना-मुक्त यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।



