दुर्ग में बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, महापौर, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने जलभराव वाले क्षेत्रों का किया निरीक्षण

नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, तालाब किनारे अवैध मलबा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
दुर्ग। दुर्ग जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नगर निगम और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जलभराव की संभावित समस्याओं से निपटने और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से महापौर अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह और नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने स्वयं शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बारिश के बीच अधिकारियों ने निगम अमले के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया और आवश्यक स्थानों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहां हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनने की आशंका रहती है। निरीक्षण के दौरान वार्ड क्रमांक 38, 39, 57 और 58 सहित कई संवेदनशील इलाकों में जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की गई।
जल निकासी व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नालियों, नालों और जल निकासी मार्गों की स्थिति का अवलोकन किया। जहां भी पानी के निकास में रुकावट या कचरा जमा मिला, वहां निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सफाई कराने तथा जल निकासी सुचारु करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसी भी स्थान पर पानी जमा होने की सूचना मिलने पर बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
महापौर ने नागरिकों से की सहयोग की अपील
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि मानसून को देखते हुए नगर निगम की पूरी टीम फील्ड में सक्रिय है और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या को कम करने के लिए नगर निगम आवश्यक कदम उठा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य ठोस कचरे को नालियों या जल निकासी मार्गों में न फेंकें। ऐसा करने से नालियां जाम हो जाती हैं, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ने के साथ-साथ जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी शिकायत पर तत्काल राहत एवं सुधारात्मक कार्य शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाकर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।
तालाब किनारे निर्माण कार्यों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक 39 स्थित तालाब के आसपास किए गए निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वहां हुए निर्माण कार्यों के दस्तावेजों की जांच की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जाए।
इसके अलावा तालाब क्षेत्र में अवैध रूप से मलबा डालने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए।
तालाब की सफाई और जल निकासी सुधारने पर जोर
नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तालाब की नियमित सफाई कराने और आसपास की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब और नालों में किसी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि निगम की टीमें लगातार फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।
प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी प्रकार की समस्या या जल निकासी बाधित होने की जानकारी तुरंत नगर निगम या जिला प्रशासन को दें।
नगर निगम और जिला प्रशासन का कहना है कि बारिश के पूरे मौसम में राहत एवं निगरानी का कार्य लगातार जारी रहेगा। उद्देश्य यही है कि शहर में जलभराव की समस्या को न्यूनतम रखा जाए और नागरिकों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


