छत्तीसगढ़ में मेहरबान मानसून: किसानों के खिले चेहरे, खरीफ की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर, 17 जुलाई 2026। देशभर में मानसून की प्रगति इस वर्ष खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती के लिए राहतभरी रही है। हालांकि बारिश का वितरण सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं होने और अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर कुछ इलाकों में चिंता बनी हुई है।
जून के शुरुआती दिनों में कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई थी, लेकिन जुलाई में हुई व्यापक वर्षा से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून किसानों और आम लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने से खेत लहलहाने लगे हैं और किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। लगातार हो रही बारिश और बेहतर सिंचाई प्रबंधन के चलते खरीफ फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। इससे इस वर्ष धान समेत अन्य फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्व विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक अपेक्षित वर्षा का 81.3 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया जा चुका है। पर्याप्त बारिश से जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार हो रहा है, जिससे आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून की रफ्तार इसी तरह बनी रही, तो छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की फसलें बेहतर स्थिति में रहेंगी और किसानों को अच्छी पैदावार मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



