छत्तीसगढ़

रायगढ़ में CM साय की बड़ी घोषणा, कोलता समाज के लिए 80 लाख के भवन बनेंगे

केलो परियोजना से किसानों के खेतों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी, प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित; मुख्यमंत्री बोले— किसानों की खुशहाली और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने पर राज्य सरकार का विशेष जोर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में अन्नदाता हैं और सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोलता समाज की मांगों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुल 80 लाख रुपये के सामुदायिक भवनों की घोषणा की। ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में 30 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन और नगर पंचायत पुसौर में 50 लाख रुपये की लागत से कोलता समाज का मंगल भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।

नुआखाई कृषि संस्कृति और अन्नदाता के सम्मान का पर्व

रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोलता समाज सहित प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई नई फसल के स्वागत, किसानों के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पारंपरिक उत्सव समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को विरासत तथा परंपराओं से परिचित कराते हैं। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल दिलाना, खेती की लागत कम करना और सिंचाई सुविधाएं बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कृषि के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

केलो परियोजना से रायगढ़ के किसानों को मिलेगी सिंचाई की मजबूती

मुख्यमंत्री ने रायगढ़ अंचल में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए केलो परियोजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सिंचाई सुविधा बढ़ने से खेती की उत्पादकता में सुधार और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में विकास को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। सरकार की कोशिश है कि इन विकास कार्यों का लाभ किसानों, युवाओं, आम नागरिकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिले।

गरीब परिवारों को पक्का आवास और बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पक्का घर केवल छत और दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार बताते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य आम लोगों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।

नक्सलवाद के बाद अब विकास और पुनर्वास की नई राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अब प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के साथ पुनर्वास और विकास को गति देना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों और प्रभावित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, युवाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा

समारोह में मुख्यमंत्री ने कोलता समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। युवा मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी उपलब्धियों से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी देश-दुनिया में रोशन करें।

उन्होंने समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करने की परंपरा को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे अन्य बच्चों और युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

ओ.पी. चौधरी बोले— कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार अनुकरणीय

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कोलता समाज की ईमानदारी, परिश्रम, सज्जनता और संस्कारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराएं सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने रायगढ़ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बेलरिया में विधायक निधि से 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनवाने की घोषणा भी की।

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया और राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी समाज को नुआखाई की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षा, अच्छे संस्कार, सामाजिक एकजुटता और जरूरतमंद लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

संस्कृति, शिक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश

समारोह में पारंपरिक गजमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने मां रणेश्वरी रामचण्डी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया और मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुखों तथा अन्य लोगों के साथ नुआखाई का पारंपरिक भोजन भी ग्रहण किया।

कार्यक्रम में सामुदायिक भवनों की घोषणा, किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं पर जोर और विद्यार्थियों का सम्मान प्रमुख आकर्षण रहे। समारोह ने कृषि संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा को प्रोत्साहन, सामाजिक एकजुटता और क्षेत्रीय विकास का संदेश दिया।

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