रायपुर के WRS मैदान में रावण दहन, मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजयादशमी के अवसर पर कहा कि यह पर्व सत्य, धर्म, न्याय और मानवता की विजय का शाश्वत संदेश देता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः जीत सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों का वास्तविक अनुसरण तभी है, जब हम अपने आचरण में सत्य, न्याय और मानवता को स्थान दें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हजारों लोगों की मौजूदगी में धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से विशेष और आत्मीय संबंध है। छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ प्रदेश के वनांचलों में समय बिताया था। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में भगवान श्रीराम का विशेष स्थान है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। विजयादशमी हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने तथा सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।
डब्ल्यूआरएस मैदान में पांच दशक से अधिक पुरानी परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी उत्सव की परंपरा का साक्षी रहा है। यहां हर वर्ष रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया जाता है। यह आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी संदेश देता है कि अधर्म का साथ देने वालों को अंततः अपने कर्मों के परिणाम भुगतने पड़ते हैं। जरूरतमंदों की मदद करना, न्याय के पक्ष में खड़ा होना और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना ही भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारना है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विश्वास और विकास का वातावरण तैयार करना तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रीरामलला दर्शन योजना से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और लंबे समय से संजोए गए संकल्प की पूर्ति का ऐतिहासिक अवसर था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।
समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्य, न्याय, सद्भाव, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए सभी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



