Bilaspur News: सौराष्ट्र प्रोजेक्ट का RERA पंजीयन रद्द

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने बिलासपुर की रियल एस्टेट परियोजना ‘सौराष्ट्र’ का रेरा पंजीयन निरस्त कर दिया है। परियोजना की स्वीकृत विकास अनुज्ञा रद्द होने के बाद प्राधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की। CGRERA के इस फैसले के बाद घर या भूखंड खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए परियोजना की कानूनी स्थिति जांचना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
प्राधिकरण के अनुसार, प्रमोटर नमन गोयल द्वारा विकसित की जा रही ‘सौराष्ट्र’ परियोजना बिलासपुर के अग्रय नगर, वार्ड क्रमांक 12 में खसरा नंबर 1551 पर स्थित है। यह परियोजना रेरा पंजीयन क्रमांक PCGRERA161025001981 के तहत पंजीकृत थी।
विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद लिया गया फैसला
परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ की ओर से छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के अंतर्गत विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी। बाद में सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस अनुमति को निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद CGRERA ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिया और परियोजना की स्थिति की समीक्षा की। प्राधिकरण ने 5 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में कहा कि विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का पंजीयन निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
घर और प्लॉट खरीदने वालों के लिए जरूरी सलाह
CGRERA ने आम नागरिकों, भूखंड खरीदारों और निवेशकों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वर्तमान कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें। केवल परियोजना का पहले रेरा में पंजीकृत होना पर्याप्त नहीं है; उसकी वर्तमान पंजीयन स्थिति और विकास अनुमति की वैधता की पुष्टि करना भी जरूरी है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पहले से पंजीकृत परियोजनाओं की स्थिति में भी समय-समय पर सत्यापन करना चाहिए, ताकि खरीदार संभावित आर्थिक जोखिम और अनियमितताओं से बच सकें।
CGRERA की वेबसाइट पर जांच सकते हैं परियोजना की स्थिति
नागरिक किसी परियोजना के पंजीयन और उपलब्ध विवरण की जांच छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ पर कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 0771-4918927 पर संपर्क किया जा सकता है।
CGRERA की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट परियोजनाओं में वैधानिक अनुमतियों के महत्व और खरीदारों को निवेश से पहले दस्तावेजों की जांच करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।



