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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऋतिक के इलाज के लिए स्वीकृत किए 18 लाख रुपये

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के 10 वर्षीय ऋतिक यादव के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे ऋतिक का कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मजूमदार शॉ मेडिकल सेंटर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत मिली इस मंजूरी से परिवार को महंगे इलाज के खर्च में मदद मिलेगी।

ऋतिक यादव, मेघनाथ यादव के पुत्र हैं। चिकित्सकों ने उनके उपचार के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता बताई है। इलाज का खर्च अधिक होने के कारण परिवार आर्थिक परेशानी का सामना कर रहा था। इसके बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर आर्थिक सहायता की गुहार लगाई थी।

मामले की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपचार के लिए 18 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की। इससे ऋतिक के इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परिवार को आर्थिक संबल मिलेगा।

बेंगलुरु में होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट

ऋतिक का उपचार बेंगलुरु के मजूमदार शॉ मेडिकल सेंटर में किया जाएगा। प्रस्तावित उपचार में एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Allogeneic BMT) और हैप्लो-आइडेंटिकल बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Haplo-identical BMT) जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक जटिल और खर्चीली चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में लगाई थी मदद की गुहार

ऋतिक के परिजनों ने बच्चे के बेहतर उपचार के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर आर्थिक सहायता मांगी थी। सहायता राशि स्वीकृत होने से अब परिवार को इलाज के खर्च की चिंता कम करने में मदद मिलेगी। परिजनों ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।

गंभीर बीमारियों के इलाज में मददगार योजना

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को गंभीर बीमारियों के महंगे उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित होने से रोकना और जरूरतमंद परिवारों को उपचार में सहयोग देना है।

ऋतिक यादव के उपचार के लिए 18 लाख रुपये की स्वीकृति से परिवार को राहत मिली है। अब बेंगलुरु में उनके बोन मैरो ट्रांसप्लांट और आगे के उपचार की उम्मीद मजबूत हुई है।

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