
रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर आज का दिन खास नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही महिला के पसरे के पास अचानक रुक गया। मुख्यमंत्री ने यहां मीरा से आत्मीय बातचीत की और स्वयं मिट्टी का दीया खरीदा। उन्होंने मीरा को ₹1,000 की राशि भी दी।
मुख्यमंत्री का यह सहज व्यवहार ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से भी जुड़ा है। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
मीरा से जाना सरकारी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री साय ने मीरा से बातचीत के दौरान उसके परिवार का हालचाल जाना और यह भी पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।
मीरा ने बताया कि उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता सीधे उसके बैंक खाते में मिल रही है। इससे उसे रोजमर्रा के खर्चों में आर्थिक सहारा मिलता है।
मीरा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से उसका बैंक खाता खुला है। मुख्यमंत्री ने योजना के जरिए आम लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खाते में पहुंचने को महत्वपूर्ण बताया।
‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हारों, शिल्पकारों और छोटे विक्रेताओं से स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल खरीदारी नहीं है, बल्कि उनके स्वाभिमान, रोजगार और आजीविका को मजबूत करने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि मिट्टी का दीया केवल रोशनी का प्रतीक नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मकता का संदेश देता है। एक छोटा सा दीया जिस तरह अंधकार को दूर करता है, उसी तरह सेवा का छोटा संकल्प भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान से जुड़ने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में भागीदारी निभाने की अपील की है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का दीया इसी अभियान के संदेश और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना का प्रतीक बना।



