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पोषण से सशक्तिकरण तक: स्वस्थ मां से मजबूत पीढ़ी की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

रायपुर, 25 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की पहल का उद्देश्य मातृत्व से लेकर बाल्यावस्था तक पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनबाड़ी सेवाएं, बिहान और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों तक पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। इन योजनाओं को परिवार और समाज के समग्र विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता से पोषण को बढ़ावा

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अंबिकापुर की अन्नू तिवारी को पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें चरणबद्ध रूप से योजना की राशि प्राप्त हुई। अन्नू ने इस आर्थिक सहायता का उपयोग खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया।

गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिला के लिए पर्याप्त पोषण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार को महिला के स्वास्थ्य और पोषण पर अधिक ध्यान देने में मदद करती है।

बिहान से जुड़कर महिलाओं को मिला आजीविका का अवसर

महिला सशक्तिकरण की दिशा में स्व-सहायता समूह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्राम खैरबार की लक्ष्मी यादव बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। इसके बाद उन्हें ‘पोषण सखी’ के रूप में कार्य करने का अवसर मिला।

लक्ष्मी गांव की गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं। इस कार्य से उन्हें आजीविका का अवसर भी मिला है। वहीं, महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी उनके परिवार के लिए अतिरिक्त संबल बन रही है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिल रहा बेहतर वातावरण

बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उदयपुर विकासखंड के सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। पहले किराए के भवन में संचालित केंद्र अब नवनिर्मित भवन में संचालित हो रहा है।

आईसीडीएस और विकसित भारत जी राम जी योजना के अभिसरण से बने इस भवन में बड़ा हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण संबंधी सेवाएं भी मिल रही हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

शुरुआती पोषण से मजबूत होगी आने वाली पीढ़ी

बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला पर्याप्त पोषण उसके शारीरिक विकास और सीखने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वस्थ वातावरण में बढ़ने वाला बच्चा शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में बेहतर अवसरों का उपयोग कर सकता है।

इसी वजह से बच्चों के शुरुआती वर्षों में स्वास्थ्य और पोषण पर किया गया निवेश भविष्य की सक्षम मानव पूंजी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वस्थ और शिक्षित युवा आगे चलकर रोजगार, उद्यम, कृषि और अन्य क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं।

पोषण और महिला सशक्तिकरण साथ-साथ

महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि परिवारों को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना भी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग देती है, जबकि आंगनबाड़ी सेवाओं के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।

इसी तरह बिहान महिलाओं को स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का काम कर रहा है। महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता भी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल उपलब्ध करा रही है।

स्वस्थ महिला, सुपोषित बच्चा और सक्षम युवा की यह श्रृंखला भविष्य में छत्तीसगढ़ के मानव संसाधन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के समन्वित प्रयासों से विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है।

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