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Gangrel बांध के विस्थापितों को मिलेगा न्याय? पुनर्वास और भूमि आवंटन की जांच शुरू

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और भूमि आवंटन से जुड़े दशकों पुराने मामलों के निराकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने जोगीडीह गांव के विस्थापित परिवारों के दावों की जांच के लिए पांच सदस्यीय अंतर्विभागीय समिति का गठन किया है। समिति राजस्व अभिलेखों, भूमि आवंटन से जुड़े दस्तावेजों और न्यायालयीन आदेशों की जांच कर पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की पहचान करेगी।

अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित हुई समिति

पंडित रविशंकर शुक्ल जलाशय परियोजना यानी गंगरेल बांध के तहत डूब प्रभावित जोगीडीह गांव के परिवार लंबे समय से भूमि आवंटन और पुनर्वास से संबंधित मामलों के समाधान की मांग कर रहे हैं। राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन धमतरी ने इन प्रकरणों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच के लिए पांच सदस्यीय अंतर्विभागीय समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता अपर कलेक्टर धमतरी कर रहे हैं।

गंगरेल बांध जनकल्याण डूबा संघ संघर्ष समिति की ओर से प्रस्तुत मांग पत्रों के आधार पर संबंधित मामलों की पड़ताल की जा रही है। इसका उद्देश्य पात्र हितग्राहियों की पहचान करना और लंबित प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करना है।

55 गांव हुए थे गंगरेल बांध परियोजना से प्रभावित

प्रशासन के अनुसार, वर्ष 1972 से प्रारंभ हुई गंगरेल बांध परियोजना से धमतरी, बालोद और कांकेर जिलों के कुल 55 गांव प्रभावित हुए थे। परियोजना के कारण विस्थापित हुए जोगीडीह गांव के परिवारों की ओर से समय-समय पर भूमि आवंटन, पुनर्वास और राजस्व अभिलेखों के संधारण को लेकर आवेदन दिए जाते रहे हैं।

इन मामलों की जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 16 दिसंबर 2020 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश तथा शासन स्तर से जारी निर्देशों को ध्यान में रखा जा रहा है।

पट्टा, खसरा और वन भूमि के दस्तावेजों की जांच

समिति फिलहाल भूमि पट्टा आवंटन और निरस्तीकरण से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है। इसके साथ ही ग्राम नक्शे, खसरा अभिलेख, वन भूमि से संबंधित रिकॉर्ड और पहले किए गए भूमि आवंटन की स्थिति का भी मिलान किया जा रहा है।

जांच के दौरान उपलब्ध भूमि की वास्तविक स्थिति और आवेदकों की कानूनी पात्रता का आकलन किया जाएगा। प्रशासनिक और विधिक प्रक्रियाओं के अनुरूप दस्तावेजों की पड़ताल कर तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तैयार किए जाएंगे।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पांच सदस्यीय समिति जांच पूरी करने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर प्रचलित नियमों और उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस पहल से गंगरेल बांध के डूब प्रभावित जोगीडीह गांव के विस्थापित परिवारों के भूमि आवंटन और पुनर्वास से जुड़े पुराने मामलों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम निर्णय समिति की जांच रिपोर्ट और संबंधित नियमों के आधार पर ही लिया जाएगा।

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