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PM Awas Yojana: जशपुर में आवास योजना से ग्रामीण परिवारों को राहत, 1.12 लाख मकान स्वीकृत, 97,165 आवास पूरे सुरक्षित भविष्य की बढ़ी उम्मीद

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जशपुर जिले में हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 922 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 हजार 165 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। पक्के मकान मिलने से ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना जशपुर जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।

कच्चे मकानों की परेशानियों से मिली राहत

जशपुर के ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में अनेक परिवार पहले कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे। बारिश में छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और गर्मी-सर्दी के मौसम में होने वाली परेशानियों के बीच उनके लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिलने से इन परिवारों को सुरक्षित आवास मिला है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बेहतर वातावरण मिल रहा है। साथ ही बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और एलपीजी जैसी सुविधाओं से जुड़ाव होने पर परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।

पीएम-जनमन योजना से पहाड़ी कोरवा परिवारों को लाभ

जनजातीय बहुल जशपुर जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। इस योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को पक्का आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2023 से 2025 के दौरान जिले में पीएम-जनमन के तहत 2,113 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1,626 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं। इससे विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवारों को लाभ मिल रहा है।

योजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि विशेष पिछड़ी जनजातियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, पेयजल, सड़क, दूरसंचार और आजीविका जैसी सुविधाओं से जोड़कर उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना भी है।

पहारु राम को मिला पक्का आशियाना

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत पंड्रापाठ निवासी पहारु राम के परिवार को भी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से राहत मिली है। पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, जहां बारिश, ठंड और गर्मी के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए मुश्किल था। वर्ष 2023-24 में योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ। अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित घर में रह रहे हैं।

पहारु राम की कहानी बताती है कि सरकारी आवास सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहतर जीवन की नई शुरुआत का माध्यम बन सकती है।

आवास प्लस 2.0 से छूटे पात्र परिवारों को जोड़ने की तैयारी

प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे से छूटे पात्र परिवारों की पहचान के लिए जशपुर जिले में आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण किया गया है। जिले में अब तक 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया जा चुका है।

सर्वेक्षण में शामिल परिवारों को निर्धारित पात्रता, प्राथमिकता और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान करना है, जो पहले किसी कारण से आवास योजना में शामिल नहीं हो पाए थे।

पक्का मकान बना बेहतर भविष्य का आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल मकान मिलने तक सीमित नहीं है। सुरक्षित घर से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को सुविधा होती है और बुजुर्गों को सुरक्षित आवासीय परिवेश मिलता है।

आवास निर्माण से निर्माण सामग्री, परिवहन और श्रम की मांग बढ़ने के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलता है।

जशपुर जिले में 97 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा होना आवासीय सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं, पीएम-जनमन और आवास प्लस 2.0 के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तथा अन्य पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। इन पहलों से जिले में अधिक परिवारों को पक्की छत और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद मिल रही है।

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