बेटी समीक्षा के सपनों को पूरा करने के लिए मां ने उठाया खास कदम, हर महीने जमा कर रहीं ₹1000

सेवा संकल्प अभियान-2026: सरगुजा की अनीता सिंह ने पेश की मिसाल, बेटी समीक्षा की उच्च शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सालाना 12 हजार रुपये की बचत
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। एक मां अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए क्या कुछ नहीं करती। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और उनके सपनों को साकार करने की कोशिश हर मां की प्राथमिकता होती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सामने आई है, जहां एक मां ने सरकारी योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की पूंजी बना लिया है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी अनीता सिंह महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये की पूरी राशि अपनी बेटी समीक्षा सिंह के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। इस तरह वे सालभर में 12 हजार रुपये की मूल राशि बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित कर रही हैं।
अनीता सिंह की यह पहल सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत महिला आर्थिक सशक्तिकरण और बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण बनकर सामने आई है।
महतारी वंदन की राशि बनी बेटी समीक्षा के भविष्य की पूंजी
अनीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने अपनी बेटी समीक्षा सिंह के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाया है। महतारी वंदन योजना से उनके बैंक खाते में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि आती है।
इस राशि को घरेलू खर्चों में उपयोग करने के बजाय वे पूरी रकम बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर देती हैं।
अनीता का मानना है कि बेटी की अच्छी शिक्षा और भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए अभी से तैयारी करना जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की है।
हर महीने 1000 रुपये की बचत, सालभर में जमा होंगे 12 हजार
अनीता सिंह की यह पहल बताती है कि छोटी-छोटी बचत भी लंबे समय में महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन सकती है।
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता को नियमित रूप से जमा करने पर एक वर्ष में 12 हजार रुपये की मूल राशि संचित होगी।
सुकन्या समृद्धि योजना के प्रावधानों के अनुसार जमा राशि पर निर्धारित ब्याज भी मिलता है। इससे समय के साथ बचत बढ़ सकती है और भविष्य में बेटी की उच्च शिक्षा सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता मिल सकती है।
अनीता सिंह का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें बेटी के भविष्य के लिए बचत करने में सुविधा हो रही है।
दो सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कर रहीं भविष्य की तैयारी
अनीता सिंह ने महतारी वंदन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना का उपयोग एक-दूसरे के पूरक के रूप में किया है।
महतारी वंदन योजना से उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से इस राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है।
इस तरह एक योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता दूसरी योजना के माध्यम से दीर्घकालिक बचत का आधार बन रही है।
अनीता की यह पहल दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का सुनियोजित उपयोग कर परिवार की भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी की जा सकती है।
बेटी समीक्षा को उच्च शिक्षा दिलाना मां का सपना
अनीता सिंह चाहती हैं कि उनकी बेटी समीक्षा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, आत्मनिर्भर बने और जीवन में अपने सपनों को पूरा करे।
इसी उद्देश्य से उन्होंने बेटी के नाम पर नियमित बचत करने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि बच्चों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते आर्थिक तैयारी करना आवश्यक है।
अनीता के लिए हर महीने बचाए जाने वाले एक हजार रुपये केवल आर्थिक बचत नहीं, बल्कि बेटी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के प्रति जताया आभार
महतारी वंदन और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ मिलने पर अनीता सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता के कारण वे अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत कर पा रही हैं।
अनीता का कहना है कि इस राशि को वे बेटी की शिक्षा और आगे की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखना चाहती हैं।
छोटी बचत से बड़े सपनों को मिल रहा सहारा
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई अनीता सिंह की कहानी बताती है कि आर्थिक संसाधन सीमित होने पर भी नियमित बचत से भविष्य की जरूरतों के लिए पूंजी तैयार की जा सकती है।
ग्राम पंचायत कृष्णापुर की अनीता सिंह हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये को बेटी समीक्षा सिंह के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। इस तरह वे सालाना 12 हजार रुपये की मूल राशि बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित कर रही हैं।
अनीता की यह पहल महिला सशक्तिकरण, आर्थिक जागरूकता और बेटियों की शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती है। उनकी कहानी अन्य परिवारों को भी छोटी बचत के माध्यम से बच्चों के भविष्य की आर्थिक योजना बनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।



