
रायपुर, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को जनसेवा, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और शासन के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद का उपयोग अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जनविश्वास मजबूत करने के लिए करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से ही आम नागरिक का शासन पर भरोसा मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का आधार बनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और इसके विकास में प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा जनता के विश्वास से नक्सलवाद अब समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों तक कभी विकास पहुंचना मुश्किल था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और विकास से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
सुशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना का उल्लेख करते हुए नई तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के त्वरित समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भूमि, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों में समय पर राहत मिलना आम नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई बार अधिकारी की छोटी-सी पहल किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान बन जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति विनम्र, सहज और उत्तरदायी रहने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। समयबद्ध समाधान से ही प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने बताया कि 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब सभी सात प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।



