जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, CM विष्णुदेव साय ने बताया उचित कदम; कांग्रेस पर भी साधा निशाना

रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जा रहे 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों के शामिल होने की बात सामने आई थी। सरकार नहीं चाहती कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बिगड़े, इसलिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।
CM साय बोले- शांति व्यवस्था बनाए रखना जरूरी
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों के घुसने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी स्थिति को दोबारा पैदा होने से रोकना और माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता भले ही अपनी उम्मीदें जताते रहें, लेकिन जनता के बीच उनका समर्थन लगातार कम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर तथा जनता से किए गए वादों के कारण पार्टी का जनाधार सिमट रहा है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हो रहे आंदोलनों से सरकार घबराई हुई है। बघेल ने राहुल गांधी और अन्य सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में परिवहन और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गईं। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और सीमावर्ती इलाकों में जांच की जा रही है।
इस मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को जरूरी बताया है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़कर सवाल उठाए हैं।



