Stock Market News: सेंसेक्स 276 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के नीचे; जानें 3 बड़े कारण

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार करने लगे। सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 500 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 23,100 के नीचे पहुंच गया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी के साथ कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी 50 में 77.15 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,069 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, सेंसेक्स 275.98 अंक यानी 0.36 प्रतिशत टूटकर 74,453.29 पर कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी 157.75 अंक गिरकर 55,686.25 और निफ्टी आईटी 144.55 अंक फिसलकर 31,779.55 पर आ गया।
शेयर बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण
1. HDFC बैंक के शेयरों में बिकवाली
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही। एचडीएफसी बैंक के शेयर में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव और कमाई की धीमी वृद्धि को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी। इसका असर बैंक निफ्टी पर भी दिखाई दिया।
2. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में भारी निवेश और फंडिंग को लेकर चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों के टेक शेयरों में दबाव रहा।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, MSCI एशिया इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिरा। जापान के निक्केई फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत, हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.2 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए थे।
3. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड करीब 108.27 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की ऊंची कीमतों से आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। इसका असर कंपनियों की लागत और निवेशकों के बाजार संबंधी फैसलों पर भी पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर
शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों के रुख और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। हालांकि, केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर बाजार की अगली दिशा का अनुमान लगाना उचित नहीं है। निवेशकों को अपने निवेश संबंधी फैसले लेते समय जोखिम और वित्तीय लक्ष्यों का ध्यान रखना चाहिए।



