
रायपुर, 8 जुलाई 2026। रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में हुई दर्दनाक फैक्ट्री दुर्घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित कारखाने की सभी विनिर्माण गतिविधियों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। वहीं कंपनी प्रबंधन ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बेन्द्री स्थित उरला औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स 3-डी इनोवेशन के फेरो एलॉयज डिवीजन में सोमवार को लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में अरुण पाण्डेय, लाल सिंह और कमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई तथा कारखाना प्रबंधन और श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ की। विभाग ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 की धारा 38(1)(ए) के तहत कारखाने में संचालित सभी प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी और प्रबंधक को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को नियमानुसार वेतन एवं अन्य देय भत्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की पहल पर कंपनी प्रबंधन ने हादसे में मृत तीनों श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने पर सहमति व्यक्त की है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



