Mahtari Vandan Yojana की 29वीं किश्त जारी, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपये

रायपुर, 11 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं एवं बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे नारी शक्ति सशक्तिकरण अभियान को छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कई महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, सिलाई-कढ़ाई और अन्य स्वरोजगार अपनाए हैं, जबकि अनेक परिवार बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में इस सहायता का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर सभी पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में 1 मार्च 2024 से लागू है। इसके तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। इस योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।



