ऑयल पाम के साथ मूंगफली की खेती से बदली किसान की तकदीर, 30 हजार की लागत पर कमाए 70 हजार रुपये

रायपुर, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम कचनूर के किसान पोटाम गणेश ने ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय (इंटरक्रॉपिंग) खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर अन्य किसानों के लिए मिसाल पेश की है।
खाली पड़ी जमीन का किया बेहतर उपयोग
पोटाम गणेश ने अपनी 2.20 हेक्टेयर कृषि भूमि में ऑयल पाम के पौधे लगाए हैं। चूंकि ऑयल पाम के पौधों को उत्पादन देने में कुछ वर्ष लगते हैं, इसलिए पौधों के बीच खाली पड़ी जमीन में उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने मूंगफली की खेती की।
30 हजार की लागत, 70 हजार का मुनाफा
अंतरवर्तीय खेती का यह प्रयोग किसान के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ। मूंगफली की फसल से उन्हें करीब एक लाख रुपये का उत्पादन मूल्य मिला। खेती में लगभग 30 हजार रुपये की लागत आई, जबकि 70 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ।
शुरुआती वर्षों में मिलती है नियमित आय
किसान पोटाम गणेश का कहना है कि ऑयल पाम के पौधों से उत्पादन शुरू होने तक अंतरवर्तीय खेती से नियमित आय मिलती रहती है। इससे खेती की लागत निकालना आसान हो जाता है और आर्थिक मजबूती भी मिलती है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस खेती पद्धति को अपनाने की अपील की।
किसानों को मिल रहा तकनीकी मार्गदर्शन
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उन्नत खेती की जानकारी और आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। विभाग का मानना है कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ तिलहन उत्पादन में वृद्धि और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



