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Gold-Silver Price: सोना ₹3,000 और चांदी ₹15,000 तक सस्ती, खरीदारी का सही मौका या अभी करें इंतजार?

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में पिछले एक सप्ताह के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां सोना करीब 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है, वहीं चांदी के दाम 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गए हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव की स्थिति में सोना-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। हालांकि इस बार मध्य-पूर्व में तनाव के बावजूद दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह अमेरिका से आ रहे मजबूत आर्थिक संकेत, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को माना जा रहा है।

एक हफ्ते में कितनी आई गिरावट?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 10 जुलाई को अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर क्लोज हुई।

पिछले कारोबारी सप्ताह के मुकाबले सोने की कीमत में करीब 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में लगभग 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।

गिरावट की वजह क्या है?

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मजबूत आंकड़ों के चलते निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने-चांदी में दिलचस्पी कुछ कम हुई है। वहीं फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर की मजबूती का असर भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?

विशेषज्ञों की राय है कि जिन लोगों की खरीदारी की योजना लंबे समय के निवेश या शादी-ब्याह जैसे जरूरी कामों के लिए है, वे मौजूदा गिरावट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि अल्पकालिक निवेश करने वाले निवेशकों को बाजार की दिशा पर नजर रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक नीतियों, फेडरल रिजर्व के फैसलों और वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर सोना-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।

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