दिल्ली विधानसभा में 7 अगस्त से मॉनसून सत्र, 500+ सरकारी सेवाओं को मिलेगा कानूनी अधिकार

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र 7 अगस्त (शुक्रवार) से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान दिल्ली सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी, जबकि दो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी विधानसभा पटल पर रखी जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक में सत्र के विधायी कार्यों और एजेंडे को मंजूरी दी गई।
बैठक में तय किया गया कि मॉनसून सत्र के दौरान दो CAG रिपोर्ट, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) से संबंधित एक अधिसूचना और तीन प्रमुख विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज बिल, दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) विधेयक तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा में दिल्ली सरकार से जुड़ी दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्ट पेश करेंगी। इनमें 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए दिल्ली सरकार की CAG रिपोर्ट संख्या-1 तथा वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त पर आधारित CAG रिपोर्ट संख्या-2 शामिल हैं।
500 से अधिक सरकारी सेवाओं का मिलेगा कानूनी अधिकार
सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विधेयक ‘राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज बिल’ माना जा रहा है। इस कानून के लागू होने के बाद दिल्ली के नागरिकों को 500 से अधिक सरकारी सेवाएं तय समय-सीमा के भीतर प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिलेगा। सरकार पहले ही इस व्यवस्था को कैबिनेट से मंजूरी दे चुकी है, लेकिन अब इसे कानून का रूप देकर नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत करने की तैयारी है।
जनहित और प्रशासनिक मुद्दों पर भी होगी चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता के अनुसार, 7 से 11 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में विधायी कार्यों के अलावा जनहित, वित्तीय और प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने विधायी एजेंडे के साथ वित्तीय जवाबदेही से जुड़ी अहम CAG रिपोर्ट भी सदन के सामने रखेगी।



