जन्माष्टमी महोत्सव में CM विष्णुदेव साय बोले- भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है

रायपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शंख अभिषेक करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
भक्तिमय माहौल के बीच मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, जीवन-दर्शन को अपनाने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं है, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन से अन्याय के खिलाफ खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विचार और आदर्श युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं।
हरे कृष्ण महामंत्र से गूंजा मंदिर परिसर
कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ महामंत्र से गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी भक्तों के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद लिया।
मंदिर में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय नजर आया।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर: CM
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे शिवधामों के साथ मां बमलेश्वरी, मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने का काम लगातार किया जा रहा है।

भोरमदेव मंदिर क्षेत्र का 150 करोड़ रुपए से विकास
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के तहत करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस उद्देश्य से राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।
उन्होंने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से विरासत का संरक्षण होता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।
धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन बढ़ता है, जिससे स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार होते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं।
3 से 5 सितंबर तक जन्माष्टमी महा-महोत्सव
उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 3 से 5 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारी, संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।



