छत्तीसगढ़

घर-घर कचरा संग्रहण से बदली ममता की जिंदगी, हर माह हो रही 3-4 हजार की कमाई

रायपुर, 11 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम हरनाचाका की ममता राजपूत स्वच्छता के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। घर-घर कचरा संग्रहण और उसके उचित प्रबंधन के जरिए वह न केवल गांव को स्वच्छ रखने में योगदान दे रही हैं, बल्कि हर महीने करीब 3 से 4 हजार रुपये की आय भी अर्जित कर रही हैं।

ममता राजपूत पिछले करीब दो वर्षों से ग्राम पंचायत हरनाचाका में एकता महिला समूह की स्वच्छाग्राही सदस्य के रूप में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही हैं। सुबह वह गांव की गलियों में निकलकर घरों से कचरा एकत्र करती हैं और लोगों को कचरा खुले में नहीं फेंकने के लिए जागरूक भी करती हैं।

सूखे और गीले कचरे को अलग करने पर जोर

ममता ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करती हैं। घरों से एकत्र किए गए कचरे को कलेक्शन और सेग्रीगेशन के बाद व्यवस्थित किया जाता है। सूखे कचरे को अलग कर उसके उचित प्रबंधन और बिक्री से उन्हें हर महीने करीब 3 से 4 हजार रुपये की आय हो रही है।

कचरा बना परिवार की आय का जरिया

ममता के लिए कचरा संग्रहण अब सिर्फ स्वच्छता अभियान का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार की आजीविका में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनका प्रयास ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही यह संदेश भी दे रहा है कि सही तरीके से प्रबंधित किया जाए तो कचरा भी आय और आत्मनिर्भरता का साधन बन सकता है।

ममता राजपूत का यह प्रयास स्वच्छ गांव की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उनके काम से जहां गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, वहीं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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