ताज़ा खबरें

चित्रकोट से मैनपाट तक बदलेगी पर्यटन की तस्वीर, 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की तैयारी

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को नई पहचान देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पर्यटन विकास की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई। मिशन के तहत 500 करोड़ रुपये की मूल निधि प्रस्तावित है, जबकि विभिन्न वित्तीय स्रोतों के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थल प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। इन पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा।

चित्रकोट, मैनपाट और सिरपुर सहित प्रमुख स्थलों का होगा विकास

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है।

इन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। विकास कार्यों में स्थानीय संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा।

500 करोड़ की मिशन निधि, 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की योजना

पर्यटन विभाग की ओर से प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये की मूल निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), केंद्र सरकार की योजनाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की योजना है।

पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं की दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

1,000 पर्यटन उद्यमी और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा अवसर

मिशन के तहत स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्ययोजना में 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की योजना है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन और परिवहन जैसी सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे कारोबारियों के लिए आय के स्थायी अवसर तैयार करना मिशन का प्रमुख उद्देश्य है।

पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और उनके औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।

इसके लिए होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और अन्य आवासीय सुविधाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पर्यटन से जुड़ी सेवाओं का विस्तार कर स्थानीय बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है।

चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट बनेंगे

प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।

इसके साथ ही प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं और करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे पर्यटकों को रास्तों की जानकारी, यात्रा की योजना बनाने और विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

वेबसाइट, मोबाइल एप और AI से मिलेगी पर्यटन की जानकारी

पर्यटन सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इसके माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, स्थानीय खानपान और अन्य जरूरी सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

बस्तर और सरगुजा की संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, लोककला, पारंपरिक खानपान और हस्तशिल्प प्रदेश की अमूल्य विरासत हैं। इनके मूल स्वरूप और गरिमा को संरक्षित रखते हुए व्यापक पहचान दिलाई जानी चाहिए।

विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा अंचल की प्राकृतिक सुंदरता तथा जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन के सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश भी दिए।

निगरानी के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति का प्रावधान किया गया है। पर्यटन, लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग और कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पर्यटन परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने और कार्ययोजना को परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाना लक्ष्य है, जहां पर्यटक प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता का यादगार अनुभव लेकर लौटें और पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय समुदायों को मिले।

बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील सहित पर्यटन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button