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IMF का अनुमान: भारत की GDP ग्रोथ 7%, चीन-अमेरिका-रूस और ब्रिटेन से आगे रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की मजबूत स्थिति को रेखांकित किया है। IMF ने वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। इसके मुकाबले अमेरिका, चीन, रूस और ब्रिटेन की विकास दर काफी कम रहने का अनुमान है। इन आंकड़ों के आधार पर भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

भारत की ग्रोथ के सामने बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी

IMF की अक्टूबर 2026 की विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत की GDP वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, चीन की विकास दर 4.5 प्रतिशत, अमेरिका की 2.3 प्रतिशत, रूस की 0.9 प्रतिशत और ब्रिटेन की 1.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आर्थिक विकास दर के मामले में भारत इन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे रहने का अनुमान है। हालांकि, विकास दर किसी अर्थव्यवस्था के बढ़ने की गति बताती है, न कि उसके कुल आर्थिक आकार या प्रति व्यक्ति आय की तुलना।

IMF ने भारत के विकास अनुमान में की बढ़ोतरी

IMF ने जुलाई में जारी अपने पिछले अनुमान की तुलना में भारत की विकास दर का पूर्वानुमान बढ़ाया है। पहले वर्ष 2026 के लिए 6.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान था, जिसे अब बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। वर्ष 2027 के लिए भी विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में भारत की मजबूत घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र की बेहतर गतिविधियों, बड़े घरेलू बाजार, अनुकूल जनसांख्यिकीय परिस्थितियों और लगातार हो रहे संरचनात्मक सुधारों को विकास की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार 3.1% रहने का अनुमान

IMF ने वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जबकि 2027 में इसके 3.4 प्रतिशत रहने की संभावना बताई गई है। इस लिहाज से भारत की अनुमानित 7 प्रतिशत वृद्धि दर वैश्विक औसत से काफी अधिक है।

हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल, बढ़ती महंगाई और वित्तीय जोखिम जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। IMF ने इन परिस्थितियों को वैश्विक विकास के लिए जोखिम बताया है।

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं मायने?

तेज आर्थिक विकास दर से देश में निवेश, उत्पादन, सेवाओं और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं बनती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ रोजगार, आमदनी और लोगों की जीवन-स्तर में कितना सुधार लाता है, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि विकास के अवसर अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों और लोगों तक किस हद तक पहुंचते हैं।

IMF का ताजा अनुमान भारत की विकास संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत देता है। आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियों, ऊर्जा कीमतों और घरेलू मांग का प्रदर्शन इस विकास दर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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