
कबीरधाम। जिले के नेउर गांव की तीन बहनों किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने एक साथ NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक ही परिवार की तीन बेटियों की इस उल्लेखनीय सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव और जिले में भी खुशी का माहौल है। तीनों की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बीच रहकर बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।
तीनों छात्राओं की सफलता की जानकारी मिलने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नेउर गांव पहुंचकर उनके घर पर मुलाकात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं की माता भगवती महोबिया, पिता राम महोबिया और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार को बधाई दी।
तीन बहनों की सफलता बनी प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ NEET जैसी कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना गौरव और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि तीनों बहनों ने एक ही घर में रहकर परीक्षा की तैयारी की और एक-दूसरे का सहयोग करते हुए सफलता हासिल की। यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उन्होंने कहा कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खासकर गांव और सीमित संसाधनों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए तीनों बहनों की सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा नहीं बन सकती, यदि मेहनत और संकल्प मजबूत हो।
घर पर ऑनलाइन कोचिंग से की NEET की तैयारी
किरण, ज्योति और सुमन ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से NEET की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों बहनें एक-दूसरे का सहयोग करती रहीं और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत करती रहीं।
ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। वहीं बड़ी बहन किरण ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। किरण ने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है।
डिप्टी सीएम ने जाना पढ़ाई और काउंसलिंग का हाल
मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, NEET की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भी पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें और अपने माता-पिता तथा परिवार के सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा का दिया संदेश
उप मुख्यमंत्री ने तीनों छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने छात्राओं से अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव बनाए रखने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए किया जाना चाहिए, ताकि व्यक्तिगत सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और परिकबीरधाम। जिले के नेउर गांव की तीन बहनों किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने एक साथ NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक ही परिवार की तीन बेटियों की इस उल्लेखनीय सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव और जिले में भी खुशी का माहौल है। तीनों की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बीच रहकर बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।
तीनों छात्राओं की सफलता की जानकारी मिलने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नेउर गांव पहुंचकर उनके घर पर मुलाकात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं की माता श्रीमती भगवती महोबिया, पिता श्री राम महोबिया और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार को बधाई दी।
तीन बहनों की सफलता बनी प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ NEET जैसी कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना गौरव और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि तीनों बहनों ने एक ही घर में रहकर परीक्षा की तैयारी की और एक-दूसरे का सहयोग करते हुए सफलता हासिल की। यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उन्होंने कहा कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खासकर गांव और सीमित संसाधनों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए तीनों बहनों की सफलता यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा नहीं बन सकती, यदि मेहनत और संकल्प मजबूत हो।
घर पर ऑनलाइन कोचिंग से की NEET की तैयारी
किरण, ज्योति और सुमन ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से NEET की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों बहनें एक-दूसरे का सहयोग करती रहीं और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत करती रहीं।
ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। वहीं बड़ी बहन किरण ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। किरण ने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है।
डिप्टी सीएम ने जाना पढ़ाई और काउंसलिंग का हाल
मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, NEET की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भी पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें और अपने माता-पिता तथा परिवार के सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा का दिया संदेश
उप मुख्यमंत्री ने तीनों छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने छात्राओं से अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव बनाए रखने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए किया जाना चाहिए, ताकि व्यक्तिगत सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और परिजन उपस्थित रहे।जन उपस्थित रहे।



