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छत्तीसगढ़ के शहरों में तेज होंगे विकास कार्य, 240 ई-बसें और 800 करोड़ के CBG प्लांट पर CM साय ने दिए बड़े निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगरीय निकायों में चल रही योजनाओं और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर

बैठक में युवाओं के लिए बनाए जा रहे ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से 31 परिसरों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है।

मुख्यमंत्री साय ने निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और इन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इन परिसरों में युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की योजना है।

14 नगर निगमों में विकसित होगी आधुनिक अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसी यातायात सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

इसके अलावा ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

रायपुर के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण प्रदर्शन की सराहना

बैठक में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है।

राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 और वार्ड क्रमांक 30 ने भी अपनी-अपनी आबादी श्रेणी में स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नगर निगम और विभागीय टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के साथ स्वस्थ शहरी जीवन के लिए हरित क्षेत्र भी जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने कम वृक्षों वाले क्षेत्रों की पहचान कर बड़े स्तर पर पौधरोपण और वार्डों में उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए।

PM आवास योजना के हितग्राहियों को जल्द मिले घर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आवंटन और व्यवस्थापन की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के पात्र परिवारों को जल्द से जल्द उनके पक्के आवास का लाभ मिलना चाहिए।

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें

शहरी सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें संचालित करने की तैयारी है।

इसके लिए जरूरी अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा करने और इसके बाद ई-बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा से लोगों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा। साथ ही पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

अमृत मिशन के काम में देरी पर CM साय नाराज

मुख्यमंत्री ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।

8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ से बनेंगे CBG प्लांट

शहरी कचरे के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

इन परियोजनाओं के जरिए शहरी अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ स्वच्छ और सतत ईंधन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायतों के त्वरित समाधान और राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता और तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व और कर संग्रह बढ़ाने पर भी जोर दिया। बेहतर कर संग्रह करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की सभी योजनाओं का वास्तविक परिणाम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए योजनाओं की नियमित समीक्षा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करना जरूरी है।

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