छत्तीसगढ़प्रशासनिक

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए CM साय का संदेश, समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित और सशक्त भारत के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। युवाओं को बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने और मेहनत व समर्पण के साथ उन्हें पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार, 8 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद : यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, जल संरक्षण, छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास और मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत जीवन से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के संघर्षों व अनुभवों को साझा किया।

छोटे गांव से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर साझा किया

विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने बचपन और संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। उन्होंने बताया कि वे जशपुर जिले के बगिया गांव में पले-बढ़े। लगभग 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। पढ़ाई के साथ उन्होंने खेती-बाड़ी संभाली और अपने छोटे भाइयों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे गांव के सरपंच भी बनेंगे, लेकिन सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए उन्हें सरपंच, विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और निष्ठा से निभाना चाहिए। उन्होंने ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपने जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलावों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की तुलना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से करते हुए कहा कि उनके बचपन में गांव के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता था। बारिश के दिनों में कच्चे स्कूल भवनों की छतों से पानी टपकता था।

उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों का विस्तार हुआ है। पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की।

युवाओं को समय के सदुपयोग और लक्ष्य निर्धारण की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का समय बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपने तभी पूरे होते हैं, जब उनके लिए मेहनत और अनुशासन के साथ काम किया जाए।

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील

जल संरक्षण से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल है तो कल है’। लगातार गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है और इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार के ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण के प्रयासों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से घरों, स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को सामूहिक प्रयासों से जन आंदोलन का रूप देना आवश्यक है।

2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य

प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और इनके बेहतर प्रबंधन के माध्यम से प्रदेश की आय बढ़ाने तथा आर्थिक विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं और आधुनिक शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जाता है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल पीएमश्री योजना में शामिल हैं। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में आए बदलाव और घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं के सम्मान व स्वास्थ्य को मिले लाभों का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आर्थिक और सामरिक क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चाओं में भी वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का अनुभव हुआ।

युवा प्रतिभाओं का सम्मान, भक्ति गीतों का लिया आनंद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। इस अवसर पर खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर आगे बढ़ें तथा छत्तीसगढ़ और देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button