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सरगुजा की जीवनदायिनी बनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना, 63 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा पानी

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में श्याम घुनघुट्टा परियोजना किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। करीब 35 वर्ष पुरानी इस परियोजना की 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के माध्यम से 63 गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा रहा है। खासकर कम बारिश के दौरान यह परियोजना किसानों को राहत देने में अहम भूमिका निभा रही है। वहीं, अम्बिकापुर शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।

23.81 करोड़ रुपये से नहरों का जीर्णोद्धार

श्याम घुनघुट्टा परियोजना की पुरानी नहरों में समय के साथ दरारें पड़ने और पानी के रिसाव जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं। इससे जल प्रवाह प्रभावित होता था और किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में कठिनाइयां होती थीं।

इन समस्याओं को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग ने नहरों के जीर्णोद्धार और लाइनिंग का कार्य कराया। इसके लिए 8 मार्च 2019 को 2,381.84 लाख रुपये यानी लगभग 23.81 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। कार्य पूरा होने के बाद नहरों की स्थिति में सुधार हुआ है और जल वितरण व्यवस्था को मजबूती मिली है।

कम बारिश में 63 गांवों के किसानों को मिली राहत

सरगुजा जिले में वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान अल्प वर्षा की स्थिति बनी थी। बारिश की कमी के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना किसानों के लिए चुनौती बन गया था। ऐसे समय में श्याम घुनघुट्टा परियोजना की नहरों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे किसानों को कृषि कार्य जारी रखने में मदद मिली।

वर्षा पर निर्भर खेती में सिंचाई के वैकल्पिक साधनों की अहम भूमिका होती है। परियोजना की नहर प्रणाली किसानों को जरूरत के समय पानी उपलब्ध कराने में सहायक बन रही है।

अम्बिकापुर शहर को हर साल 8.93 मिलियन घनमीटर पानी

श्याम घुनघुट्टा परियोजना का लाभ केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। अम्बिकापुर शहर की पेयजल व्यवस्था में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम अम्बिकापुर को परियोजना से प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस तरह परियोजना एक ओर 63 गांवों में खेती-किसानी को सहारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर शहरवासियों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे रही है।

जल प्रबंधन से मजबूत हुई सिंचाई व्यवस्था

पुरानी नहरों की मरम्मत और लाइनिंग से जल प्रवाह तथा वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिली है। यह कार्य उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग और सिंचाई सुविधाओं को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

श्याम घुनघुट्टा परियोजना सरगुजा जिले में कृषि और पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। नहरों के जीर्णोद्धार, 236 किलोमीटर के सिंचाई नेटवर्क और 63 गांवों तक पानी की उपलब्धता के जरिए यह परियोजना किसानों और शहरवासियों, दोनों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है।

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