बीजापुर के जेलों में बंद क़ैदियों की रिहाई की मांग, बस्तर के आदिवासियों के लिए आगे आये पूर्व मुख्यमंत्री..

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर जिले की जेलों में वर्षों से बंद आदिवासियों के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि बीजापुर की जेलों में सैकड़ों आदिवासी लंबे समय से बंद हैं, जिन पर कथित रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
भूपेश बघेल ने बताया कि बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के साथ इन आदिवासियों के परिजन रायपुर स्थित उनके निवास पहुंचे और न्याय की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है, तो ऐसे ग्रामीण आदिवासियों के मामलों पर भी मानवीय दृष्टिकोण से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में ऐसे मामलों की समीक्षा और निर्दोष आदिवासियों की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस ए.के. पटनायक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति की सिफारिशों के आधार पर कई आदिवासियों को रिहा किया गया, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग जेलों में बंद हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि अब समय आ गया है कि शेष मामलों की भी गंभीरता से समीक्षा कर योग्य लोगों को न्याय दिलाया जाए। उनके इस बयान के बाद आदिवासी अधिकारों और जेलों में लंबित मामलों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।



