Mahadev Betting Case: निशांत पिट्टी के 59.6 करोड़ के शेयर ED ने किए अटैच

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ईजमाय ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ 10 सितंबर को पांचवीं पूरक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है। इस कार्रवाई के तहत पिट्टी के करीब 59.6 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। ईडी ने इन शेयरों को अपराध से अर्जित आय से जुड़ा बताते हुए अदालत से इन्हें जब्त करने की अनुमति मांगी है।
सट्टे की रकम शेयर बाजार में लगाने का आरोप
ईडी के अनुसार, निशांत पिट्टी ने दुबई में रहने वाले स्काई एक्सचेंज के संचालक हरिशंकर टिबरेवाल के साथ मिलकर कथित तौर पर सट्टेबाजी से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में लगाने और अलग-अलग स्तरों पर उसे घुमाने में मदद की।
जांच एजेंसी का दावा है कि पिट्टी और टिबरेवाल के बीच कारोबारी संबंध थे। ईडी ने आरोप लगाया है कि ईजमाय ट्रिप प्लानर्स लिमिटेड के प्रवर्तकों की ओर से शेयरों की कीमत पहले से तय करके सौदे किए गए। एजेंसी के मुताबिक, इन लेन-देन के जरिए कंपनी के शेयर भाव और बाजार पूंजीकरण को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास किया गया।
क्रिकेट सीरीज की स्पॉन्सरशिप का भी जिक्र
ईडी ने दोनों पक्षों के कारोबारी संबंधों के समर्थन में वर्ष 2022 में भारत में आयोजित एक क्रिकेट सीरीज की स्पॉन्सरशिप का भी उल्लेख किया है। इस सीरीज में ईजमाय ट्रिप और स्काई एक्सचेंज सह-प्रायोजक थे।
हालांकि, ईजमाय ट्रिप पहले महादेव सट्टा एप या किसी अन्य सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध होने से इनकार कर चुकी है।
42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया
ईडी की पांचवीं पूरक अभियोजन शिकायत में ईबीआईएक्स समूह के अध्यक्ष विकास गर्ग समेत कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों को हरिशंकर टिबरेवाल से संबंधित कंपनियों से 765.77 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
ईडी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अमेरिकी कंपनी ईबीआईएक्स इंक के अधिग्रहण में किया गया।
अब तक 1885 करोड़ की संपत्ति अटैच
जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 1885 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। छह आरोप-पत्रों में कुल 116 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में ईडी और सीबीआई की जांच अभी जारी है।
सौरभचंद्राकर को भारत लाने की कोशिश जारी
महादेव बुक के प्रमोटर और मूल रूप से भिलाई निवासी सौरभचंद्राकर को भारत लाने के प्रयास भी जारी हैं। जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन महीनों से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिली है।
बताया गया है कि सौरभचंद्राकर को ओमान पुलिस ने गिरफ्तार किया है और वह मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उसे भारत लाने के लिए ईडी ने आवेदन किया है और विदेश मंत्रालय के माध्यम से भी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले डेढ़ साल में यह तीसरी बार बताया जा रहा है, जब सौरभचंद्राकर विदेश में पकड़ा गया है। इससे पहले रवि उप्पल और शुभम सोनी को भी भारत लाने के प्रयास किए गए थे। हालांकि, विदेश में पकड़े गए महादेव सट्टा मामले के प्रमुख आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नेटवर्क का दावा
जांच एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, सौरभचंद्राकर और उसके सहयोगियों से जुड़े कथित अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार का आकार 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी सामने आती रही है।


