नवा रायपुर के भूखंड आवंटियों को बड़ी राहत: OTS योजना-2026 मंजूर, 31 मार्च 2027 तक मिलेगा लाभ

रायपुर, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के भूखंड एवं निर्मित परिसरों के आवंटियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दे दी गई। इस योजना के तहत पात्र आवंटियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण और रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, OTS योजना 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में पात्र आवंटी निर्धारित प्रावधानों के तहत आवेदन कर योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना का उद्देश्य निवेशकों का विश्वास बढ़ाना, न्यायालयीन विवादों को कम करना और नवा रायपुर में विकास एवं निवेश गतिविधियों को नई रफ्तार देना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि OTS योजना-2026 से लंबित मामलों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, यह योजना उन आवंटियों के लिए अवसर साबित होगी जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाएं शुरू होंगी, भूमि का बेहतर उपयोग होगा और अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आएगी।
योजना में ऐसे आवंटियों को भी विकल्प दिया गया है जो परियोजना विकसित करने के इच्छुक नहीं हैं। वे अपनी आवंटित भूमि प्राधिकरण को समर्पित कर अनुबंध से बाहर हो सकेंगे। इससे विवादित मामलों के समाधान के साथ भूमि का शीघ्र और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
NRDA के मुताबिक, योजना के तहत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं होगा। इससे प्राधिकरण को वित्तीय नुकसान नहीं होगा, जबकि पात्र आवंटियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।
सरकार का मानना है कि OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और नियोजित शहरी विकास को नया प्रोत्साहन मिलेगा।



