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प्रकृति, रोमांच और आस्था का संगम: जशपुर बन रहा छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन हब.. देखें तस्वीरें..

जशपुर (सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक जनसंपर्क एवं नूतन सिदार सहायक संचालक जनसंपर्क)। हरी-भरी पहाड़ियां, कल-कल बहते झरने, घने साल के जंगल, शांत वातावरण और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से सराबोर जशपुर आज छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक असर अब जशपुर जिले में साफ दिखाई देने लगा है। प्राकृतिक वादियां, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, कल-कल बहते झरने, घने साल के जंगल, धार्मिक स्थल और समृद्ध आदिवासी संस्कृति जशपुर को प्रदेश के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में शामिल कर रहे हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

जशपुर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ धार्मिक और साहसिक पर्यटन के लिए भी तेजी से पहचान बना रहा है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित पर्यटन स्थल हर वर्ष हजारों सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं।

रानीदाह जलप्रपात बना प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद

जशपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात वर्षा ऋतु में अपने पूरे सौंदर्य के साथ पर्यटकों का स्वागत करता है। हरी-भरी पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित यह स्थल पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण है।

कैलाश गुफा में मिलता है आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम

बगीचा विकासखंड स्थित कैलाश गुफा प्राकृतिक रूप से निर्मित गुफा है, जहां भगवान शिव का मंदिर और संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक शांति का भी केंद्र है।

राजपुरी जलप्रपात और मयाली नेचर कैम्प बढ़ा रहे रोमांच

राजपुरी जलप्रपात अपनी मनोरम प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है, वहीं कुनकुरी का मयाली नेचर कैम्प बोटिंग और एडवेंचर गतिविधियों के कारण पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है।

विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है मधेश्वर पहाड़

कुनकुरी क्षेत्र स्थित मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक रूप से शिवलिंग के आकार का विशाल पर्वत है, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में दर्ज किया गया है। यह धार्मिक आस्था और प्राकृतिक विरासत का अनूठा प्रतीक है।

कोतेबिरा और खुडिया रानी गुफा भी आकर्षण का केंद्र

ईब नदी के किनारे स्थित कोतेबिरा अपनी विशाल चट्टानों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है, जबकि खुडिया रानी गुफा ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

ग्रामीण पर्यटन से बढ़ रही स्थानीय लोगों की आय

जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच होमस्टे विकसित किए गए हैं। स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को आतिथ्य प्रबंधन एवं पर्यटन सेवाओं का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। केरे गांव को ग्रामीण पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, जहां पर्यटक स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव कर सकते हैं।

बेहतर सड़क संपर्क से आसान हुई यात्रा

जशपुर सड़क मार्ग से रायगढ़, सरगुजा, बिलासपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। वहीं रांची और झारसुगुड़ा के रेलवे स्टेशन एवं हवाई अड्डों के माध्यम से भी पर्यटक आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए बन रहा पसंदीदा डेस्टिनेशन

प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कल-कल, धार्मिक स्थलों की आस्था, साहसिक पर्यटन और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम जशपुर को छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिला रहा है। पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है और जशपुर प्रदेश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।


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