सीएम हेल्पलाइन का असर: दिव्यांग पेंशन के लिए भटक रहे प्रमनाथ मिर्रे को 12 दिनों में मिली राहत

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए यह व्यवस्था राहत और भरोसे का केंद्र बन गई है। हेल्पलाइन के जरिए लंबे समय से लंबित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसका ताजा उदाहरण जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी प्रमनाथ मिर्रे हैं। दिव्यांग पेंशन के लिए लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो पा रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
जब अन्य सभी प्रयास सफल नहीं हुए, तब उनके पुत्र प्रताप मिर्रे ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने मामले को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सभी औपचारिकताएं तय समय में पूरी की गईं और महज 12 दिनों के भीतर प्रमनाथ मिर्रे की दिव्यांग पेंशन शुरू कर दी गई।
पेंशन शुरू होने के बाद प्रमनाथ मिर्रे और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि जिस काम के लिए वे लंबे समय से भटक रहे थे, वह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से कुछ ही दिनों में पूरा हो गया।
परिवार के अनुसार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावी व्यवस्था बनकर सामने आई है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक ऐसा मंच मिला है, जहां शिकायतों का संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाता है।
प्रमनाथ मिर्रे की यह सफलता की कहानी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।



