आज से संसद का मानसून सत्र, सरकार के सामने विपक्ष की बड़ी चुनौती

नई दिल्ली । संसद का मानसून सत्र आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के आसार हैं। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन, ईंधन में एथेनॉल मिश्रण और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाए हुए है।
इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। अप्रैल में पिछला सत्र समाप्त होने के बाद विपक्षी दलों के कम से कम 37 सांसद भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ जुड़ चुके हैं। इससे संसद में सरकार की संख्या और मजबूत हुई है, जबकि विपक्ष के सामने अपनी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती रहेगी।
पेपर लीक बनेगा प्रमुख मुद्दा
विपक्ष शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही दावा कर चुके हैं कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने के साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग भी उठा सकता है।
अन्य मुद्दों पर भी होगी घेराबंदी
पेपर लीक के अलावा विपक्ष अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोप, सोनम वांगचुक के आंदोलन, पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है।
हंगामेदार रहने के आसार
संसद के पहले सप्ताह में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। हालांकि विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामे और तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।



