Governmentछत्तीसगढ़

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद निस्दा गांव में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, सभी दोषी पट्टेदारों की माइनिंग लीज रद्द

रायपुर। आरंग तहसील के ग्राम निस्दा में अवैध खनन और महानदी में खनन मलबा डंप किए जाने के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि जांच में दोषी पाए गए सभी पट्टेदारों की माइनिंग लीज रद्द कर दी गई है।

निस्दा गांव निवासी ओम प्रकाश सेन द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर जाकर फर्शी पत्थर का अवैध खनन कर रहे हैं। याचिका में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और खनन से निकला मलबा महानदी में फेंके जाने की शिकायत भी की गई थी।

मामले में शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू की। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी हस्तक्षेप करते हुए खनन गतिविधियों को रोकने के निर्देश जारी किए थे।

वर्तमान में क्षेत्र में कोई माइनिंग लीज कार्यरत नहीं

राज्य शासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि कार्रवाई के बाद वर्तमान में संबंधित क्षेत्र में कोई भी माइनिंग लीज संचालित नहीं हो रही है। दोषी पाए गए सभी पट्टेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी खनन लीज निरस्त कर दी गई है।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उठाए गए कदमों को उचित माना और जनहित याचिका का निराकरण कर दिया।

भविष्य में अवैध खनन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों और पर्यावरण संरक्षण मंडल को क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि लीज क्षेत्र के बाहर अवैध खनन या महानदी में मलबा डंप करने की कोई घटना सामने आती है तो कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button