IChO 2026: में भारत का जलवा, चारों प्रतिभागियों ने जीते स्वर्ण पदक

नई दिल्ली । भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 58वें इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (IChO) 2026 में भारतीय टीम के सभी चार छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने चीन और वियतनाम के साथ संयुक्त रूप से दुनिया में पहला स्थान हासिल किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 10 से 19 जुलाई 2026 तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित हुई।
चारों भारतीय प्रतिभागियों ने जीते स्वर्ण पदक
भारत की ओर से प्रतियोगिता में शामिल सभी चार छात्रों ने रसायन विज्ञान की सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए। गोल्ड
मेडल जीतने वाले छात्र हैं—
- देबदत्त प्रियदर्शी (ओडिशा)
- हर्षित सिंघल
- कबीर छिल्लर (JEE Advanced 2026 टॉपर)
- संदीप कुची
चारों छात्रों की इस उपलब्धि ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
93 देशों के बीच भारत का शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष आयोजित IChO 2026 में 93 देशों के 363 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय टीम के सभी प्रतिभागियों का स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। भारत ने चीन और वियतनाम के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का लोहा मनवाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि देश की युवा प्रतिभाएं वैश्विक मंच पर लगातार भारत का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने चारों स्वर्ण पदक विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
क्या है इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड?
इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (International Chemistry Olympiad – IChO) दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें विभिन्न देशों के स्कूली छात्र भाग लेते हैं और उनकी रसायन विज्ञान की सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ प्रयोगात्मक दक्षता का भी परीक्षण किया जाता है। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र भविष्य में विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
भारत के लिए गर्व का क्षण
IChO 2026 में चारों भारतीय छात्रों का स्वर्ण पदक जीतना केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा, शिक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण भी है। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी से कम नहीं हैं।



