17 करोड़ के स्नेक बाइट घोटाले में बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर समेत चार आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सर्पदंश (स्नेक बाइट) मुआवजा घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में पदस्थ रहीं डॉ. प्रियंका सोनी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय के तीन क्लर्क भी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सर्पदंश से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर सरकारी मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस घोटाले के जरिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी मेडिकल दस्तावेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर मौतों को सर्पदंश से हुई मौत दर्शाया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर शासन से मिलने वाले मुआवजे का भुगतान कराया गया। मामले की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर डॉ. प्रियंका सोनी और तीन क्लर्कों को गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। आशंका है कि घोटाले में अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बिचौलियों की भी भूमिका हो सकती है। पुलिस वित्तीय लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
मामले के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।



