
रायपुर, 22 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्साहजनक खबर सामने आई है। सरगुजा जिले के लखनपुर परिक्षेत्र स्थित कुवांरपुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में दुनिया के सबसे ऊंचे उड़ने वाले पक्षी और राष्ट्रीय गौरव माने जाने वाले सारस क्रेन के एक जोड़े का सफलतापूर्वक अवलोकन किया गया है। राज्य में सारस क्रेन की संख्या बेहद सीमित होने के कारण इस दुर्लभ पक्षी का दोबारा दिखाई देना आर्द्रभूमि संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार यह अवलोकन वनमंडलाधिकारी अभिषेक जोगावत के मार्गदर्शन में नियमित मॉनिटरिंग के दौरान दर्ज किया गया। क्षेत्र की निगरानी तकनीकी सहायक धनीराम और बीट गार्ड राजेंद्र खुजूर द्वारा लगातार की जा रही थी, जिसके दौरान सारस क्रेन का जोड़ा कैमरे और प्रत्यक्ष अवलोकन में दर्ज हुआ।
स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत
सारस क्रेन को किसी भी आर्द्रभूमि की पारिस्थितिक गुणवत्ता का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस पक्षी की मौजूदगी बताती है कि संबंधित वेटलैंड का प्राकृतिक वातावरण सुरक्षित, संतुलित और जैव विविधता से समृद्ध है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सारस क्रेन के नियमित और प्रमाणित अवलोकन मुख्य रूप से सरगुजा क्षेत्र से ही मिल रहे हैं।
वैज्ञानिक अध्ययन के लिए अहम उपलब्धि
वन विभाग का कहना है कि कुवांरपुर वेटलैंड में दर्ज यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी विविधता के वैज्ञानिक अध्ययन, संरक्षण योजनाओं और आर्द्रभूमि प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। यह उपलब्धि राज्य में वेटलैंड संरक्षण के सकारात्मक परिणामों को भी दर्शाती है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों, पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों से आर्द्रभूमियों और वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि कहीं सारस क्रेन या अन्य दुर्लभ पक्षियों का अवलोकन हो तो उसकी जानकारी तत्काल वन विभाग को दें, ताकि उनके संरक्षण और वैज्ञानिक अभिलेखीकरण को और मजबूत किया जा सके।




