ताज़ा खबरेंराजनीतिक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन मजबूत, तकनीक से नागरिकों को मिल रहीं आसान सेवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल नवाचारों के जरिए सुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं, एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे शासन अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बन रहा है।

सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच

सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल अब राज्य का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल सेवा मंच बन चुका है। 29 अप्रैल 2026 को इसके उन्नत संस्करण की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं।

अब तक पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 78 लाख से अधिक का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन सहित कई सेवाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पोर्टल में डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड, व्हाट्सएप व एसएमएस अलर्ट और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी

राज्य के वनांचल और आदिवासी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1,273 नए मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं।

वहीं भारतनेट फेज-III के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने 3,928 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर टू द होम (FTTH), डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।

सीएम आईटी फेलोशिप से तैयार होंगे डिजिटल विशेषज्ञ

राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की गई है। IIIT नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के तहत 50 स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी पारदर्शिता

विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।

  • खनिज ऑनलाइन 2.0 के जरिए जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाएं एकीकृत की गई हैं।
  • पारस पोर्टल से बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन निगरानी हो रही है।
  • बस्तर मुन्ने पोर्टल के जरिए नक्सल प्रभावित जिलों में योजनाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है।
  • डिजिटल द्वार के माध्यम से विभागों के बीच सुरक्षित डेटा साझा करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

AI मिशन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ AI मिशन (CG-AIM) शुरू कर रही है। इसके तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप और सरकारी अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।

राज्य में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और AI डेटा लैब भी स्थापित की जाएगी, जिससे नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

105.3 करोड़ से बनेंगे चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के बीच 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए एमओयू किया गया है।

इन केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

क्लाउड फर्स्ट नीति होगी लागू

राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है। इससे सुरक्षित क्लाउड सेवाओं, डेटा सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

विभाग की विभिन्न परियोजनाओं जैसे आधार सेवाएं, GIS परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, IWMMS, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

सचिव अंकित आनंद का बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि सरकार एआई, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button